खुद से कैसे बात करे ?
आप के चारो ओर आनंद और मनोरंजन के अनेक साधन विद्यमान है ।बुद्धिमान व्यक्ति प्रत्येक वस्तु ओर प्रत्येक स्थान पर आनंद खोज लेते हैं। आप प्रहतःकाल सो कर उठे तो उस समय कमर कस कर दृढ़ निश्चय करे कि चाहे कुछ भी हो, आज के दिन को आनंद और उल्लास का दिन बना कर रहेंगे । इसका परिणाम यह होगा कि संभावित असफलता ओर संकट आपके पास नहीं आयेंगे।आपका दिन व्यर्थ नष्ट नही होगा।आप जितना काम कर पाते ह उससे दो गुना काम कर डालेंगे।
यदि मन खिन्न हो जाये तो क्या करे
यदि मन खिन्न हो जाए , तो प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए खूब हंसिए और मुस्कराइए । जोर - जोर से खिलखिलाकर हंसने का प्रयत्न कीजिए । कष्टों की सदा उपेक्षा कीजिए , उनका मजाक उड़ाइए । जब हम उनकी उपेक्षा करते हैं , उन्हें मुला देते हैं , तब वे विचार हमारे लिए दुःखदाई नहीं रहबते । विपत्तियों में अपने मन को सुधारकर उनका मुकाबला करने की शक्ति पैदा करना एक उत्तम गुण है ।
अपने मन को वश में रखने को शक्ति प्राप्त कीजिए
अपने मन को वश में रखने को शक्ति प्राप्त कीजिए , ताकि हीन चित्तवृत्तियाँ आपको न डिगा सके । कितनी भी कठिनाइयाँ हो , अपने विचारों पर दृढ़ रहिए । आपकी विजय - पताका फहराएगो और आप अपने उद्देश्य में सफल होंगे । मनुष्य जिस बात का चिंतन और मनन करता है और जिन उद्देश्यों को पूर्ति का संकल्प करता है , उनमें उसे मानसिक निश्चय द्वारा ही सफलता प्राप्त होती है । संकल्प का ही दूसरा नाम सफलता है और व्यक्ति का मन संकल्पों का सोत है । अत : मन में किसी प्रकार की कमजोरी न आने दें , उसमें जंग न लगने दे । यदि मन प्रफुल्लित रहेगा , तो निर्बल शरीर भी कठिन - से - कठिन कार्य करने में समर्थ हो सकता है ।


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