Saturday, January 16, 2021

शहीद सुखदेव की जीवनी...🇮🇳🇮🇳

 

Jai Hind frnds🇮🇳🇮🇳

आप मेरे blog में उन सभी देश के जवानों के बारे में जानेंगे ....
जिन्होंने desh की सेवा में अपना सब कुछ बालिदान कर दिया ।

 तो जानते है ऐसे देश भक्त के बारे में🇮🇳🇮🇳....

 Desh Bhakt....

🇮🇳🇮🇳 सुखदेव थापर.....


सुखदेव

 सुखदेव थापर , जन्म: 15 मई 1907 मृत्यु: 23  मार्क्च 1931 ) का पूरा नाम सुखदेव थापर था। सुखदेव थापर ने लाला लाजपत राय का बदला लिया था | इन्होने भगत सिंह को मार्ग दर्शन दिखाया था | इन्होने ही लाला लाजपत राय जी से मिलकर चंद्रशेखर आजाद जी को मिलने कि इच्छा जाहिर कि थी |  स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रान्तिकारी थे। उन्हें भगत सिंह और राजगुरू के साथ २३ मार्च १९३१ को फाँसी पर लटका दिया गया था। इनकी शहादत को आज भी सम्पूर्ण भारत में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। सुखदेव भगत सिह की तरह बचपन से ही आज़ादी का सपना पाले हुए थे। ये दोनों 'लाहौर नेशनल कॉलेज' के छात्र थे। दोनों एक ही वर्ष पंजाब में पैदा हुए और एक ही साथ शहीद हो गए।

सुखदेव थापर

जन्म15 मई 1907
मृत्यु23 मार्च 1931 (उम्र 23)

राष्ट्रीयताभारतीय

Thursday, January 14, 2021

शहीद राजगुरु की Biography

 Jai Hind frnds🇮🇳🇮🇳

आप मेरे blog में उन सभी देश के जवानों के बारे में जानेंगे ....
जिन्होंने desh की सेवा में अपना सब कुछ बालिदान कर दिया ।

 तो जानते है ऐसे देश भक्त के बारे में🇮🇳🇮🇳....

 Desh Bhakt....

शहीद राजगुरु🇮🇳🇮🇳...


शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा...

   ..जी हां, यही जज्बा वतन के लिए हंसते-हंसते जान लुटाने वाले शहीद वीर राजगुरू का था। भगतसिंह और सुखदेव का नाम तब तक अधूरा है जब तक उनके साथ राजगुरू का नाम ना लिया जाए।

भारत के इस लाल का पूरा नाम शिवराम हरि राजगुरु था, ये महाराष्ट्र के रहने वाले थे। भगत सिंह व सुखदेव के साथ ही इन्हें भी 23 मार्च 1931 को फांसी दी गई थी।


   

आइए सच्चे देशभक्त राजगुरू के बारे में जानते हैं विस्तार से...










जन्म सन् 24 अगस्त 1908

  • राजगुरु का जन्म सन् 24 अगस्त 1908 में पुणे के पास खेड़ नामक गांव (वर्तमान में राजगुरु नगर) में देशाथा ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
  • मात्र 6 साल की अवस्था में इन्होंने अपने पिता को खो दिया था।
  • पिता के निधन के बाद ये ये वाराणसी विद्याध्ययन करने एवं संस्कृत सीखने आ गये थे।



Wednesday, January 13, 2021

#🇮🇳चंद्रशेखर आज़ाद🇮🇳##

 Jai Hind frnds🇮🇳🇮🇳..

आप मेरे blog में उन सभी देश के जवानों के बारे में जानेंगे ....
जिन्होंने desh की सेवा में अपना सब कुछ बालिदान कर दिया ।

 तो जानते है ऐसे देश भक्त के बारे में🇮🇳🇮🇳....

Desh bhakt...

##🇮🇳चंद्रशेखर आज़ाद🇮🇳##

Jai hind sir🇮🇳🇮🇳

शहीद चन्द्रशेखर 'आजाद'(शेर-ए-हिन्दुस्तान)
(23 जुलाई 1906 से 27 फ़रवरी 1931




 











उपनाम :'आजाद',
जन्मस्थल :.                     भाबरा गाँव (चन्द्रशेखर आज़ादनगर) (वर्तमान अलीराजपुर जिला)[1][2]
मृत्युस्थल:चन्द्रशेखर आजाद पार्कइलाहाबादउत्तर प्रदेश
आन्दोलन:भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम
प्रमुख संगठन:हिदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन-के प्रमुख नेता (१९२८).   

सन् १९२२ में गाँधीजी द्वारा असहयोग आन्दोलन को अचानक बन्द कर देने के कारण उनकी विचारधारा में बदलाव आया और वे क्रान्तिकारी गतिविधियों से जुड़ कर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य बन गये। इस संस्था के माध्यम से राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में पहले ९ अगस्त १९२५ को काकोरी काण्ड किया और फरार हो गये। इसके पश्चात् सन् १९२७ में 'बिस्मिल' के साथ ४ प्रमुख साथियों के बलिदान के बाद उन्होंने उत्तर भारत की सभी क्रान्तिकारी पार्टियों को मिलाकर एक करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया तथा भगत सिंह के साथ लाहौर में लाला लाजपत रायकी मौत का बदला सॉण्डर्स की हत्या करके लिया एवं दिल्लीपहुँच कर असेम्बली बम काण्ड को अंजाम दिया।

#🇮🇳bhagat singh## ]- by shubhamsen2020

 Jai Hind frnds🇮🇳🇮🇳

आप मेरे blog में उन सभी देश के जवानों के बारे में जानेंगे ....
जिन्होंने desh की सेवा में अपना सब कुछ बालिदान कर दिया ।

 तो जानते है ऐसे देश भक्त के बारे में🇮🇳🇮🇳....

 Desh Bhakt.... 

      ##🇮🇳bhagat singh##🇮🇳


 


आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाले भगत सिंह हर हिन्दुस्तानी 
के दिल में बसते हैं।




भगत सिंह का जन्म 27 सितंबर 1907 को लायलपुर जिले के बंगा में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। उस समय उनके चाचा अजीत सिंह और श्‍वान सिंह भारत की आजादी में अपना सहयोग दे रहे थे। ये दोनों करतार सिंह सराभा द्वारा संचालित गदर पाटी के सदस्‍य थे। भगत सिंह पर इन दोनों का गहरा प्रभाव पड़ा था। इसलिए ये बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे थे। 
 
भगत सिंह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्यधिक प्रभावित थे। 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के बाल मन पर बड़ा गहरा प्रभाव डाला।

खुद से बाते कर सुख और सफलता प्राप्त करे।अपने मन को वश में रखने को शक्ति प्राप्त कीजिए ?

  खुद से कैसे बात करे ? आप के चारो ओर आनंद और मनोरंजन के अनेक साधन विद्यमान है । बुद्धिमान व्यक्ति प्रत्येक वस्तु ओर प्रत्येक स्थान पर आनंद ...